
यह है मनीष रूपी त्रिवेदी के बेटे कुश त्रिवेदी परीक्षा से मुक्ति हो गए
दादा डॉ रामशंकर चंचल के साथ हो सदा रहती हुए सतत् अपनी कला मे वस्त रहते हैं या कोई गीत गुनगुनाते रहते हैं
उनकी बड़ी बहन समीक्ष तो बेहद चर्चित हो गई थीं उम्दा के 5,6 साल में जिनका बनाया चित्र भी दुनिया भर में डॉ रामशंकर चंचल की अद्भुत ताजा कृति आंचलिक खंड काव्य , वह लड़की याद आती हैं में दस्तक दे अमेज़न पर उपलब्ध है
अब उनके छोटे भाई कुश त्रिवेदी भी उसी कला में व्यस्त रहते है और छोटे भाई लव त्रिवेदी की दुनियां अलग है
खेर व्यस्त कुश त्रिवेदी की कला संग उनका यह साधना रत चित्र
मन को सुकून दे गया
कला है तो जीवन सार्थक है और सोच और चिंतन है
डॉ रामशंकर चंचल
झाबुआ मध्य प्रदेश




