साहित्य

उम्मीद

रिया राणावत

उम्मीद है,
की तुम कभी अपनी उम्मीद तो नहीं हारते होंगे?
भले थोड़ी देर रूक के भी रास्ता अपनाते होंगे?
भले आए लाख मुश्किल पड़ाव , पर उम्मीद रख कर सही राह अपनाते होंगे?
चाहे तुम हो जाओ असफल ही सही , पर उम्मीद के दम पर फिर मुस्कुराते होंगे?
बताओ ?
कि तुम कभी अपनी उम्मीद तो नहीं हारते होंगे?
की तुम कभी अपनी उम्मीद तो नहीं हारते होंगे?

– रिया राणावत
कालीदेवी , झाबुआ (मध्य प्रदेश)

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