
हनुमान जयंती आई घर घर में खुशियां मनाई।
अंजनी जिनकी माता है। केसरी नंदन उनके पिता हैं।
आज रामदूत हनुमान जयंती।
राम भक्त हनुमान जयंती।
जिनके पास है ज्ञान और गुणो का सागर।
केसरी नंदन वीर हनुमान।
सिंदूर ,वर्क अपने शरीर पर लपेटे।
वह है केसरी नंदन वीर हनुमान। हाथ में दिए गधा दुष्टो,दानवो,असूरो का करें संहार।
लक्ष्मण को बचाने लाए संजीवनी बूटी दिया लक्ष्मण को जीवन दान।
अपने भक्तों के संकट हरते।
जो भक्तजन हनुमान जी का नाम लेवे।
हनुमान चालीसा पढे बजरंग बाण पढे पास नहीं आवे भूत पिशाच।
भक्त जनों के दुख संकट रोग काटे जब सुंदरकांड का पाठ पढ़ें।
सुरेन्द्र कुमार बिन्दल कलमकार जयपुर राजस्थान।



