साहित्य

हर शय मस्ती में

नूर फातिमा खातून नूरी

हर शय मस्ती में दीवाना लगता है ।
आज यहां का मौसम सुहाना लगता है।।

कहते दुनिया से क्या लेकर जाना है ।
सुनते- सुनते बात पुराना लगता है।।

मक्कारों के खातिर कुर्सी है ऊंचा ।
सच बोलोगे तो जुर्माना लगता है।।

आतिश अफ्शां है,छोटी चिनगारी नहीं।
बुझते -बुझते एक जमाना लगता है।।

मंहगाई जो सर पर चढ़ के बोले।
मिलना मुश्किल आबो दाना लगता है।।

नूर फातिमा खातून नूरी
जिला -कुशीनगर
उत्तर प्रदेश

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