साहित्य

प्यार और दयालुता

डॉ उषा अग्रवाल जलकिरण

प्यार एक एहसास होता जहाँ ममता है,
प्यार दया करुणा है जहाँ पर समता है।

माँ के जैसे प्यार दया ममता कही नहीं,
पिता वात्सल्य की मूर्ति जहाँ प्यार ही सही।

प्यार और भरोसा सम्मान से पलता है,
पति पत्नी का रिश्ता प्यार से चलता है।

प्यार को भावनाओं से व्यक्त करते हैं,
स्नेह दुलार वात्सल्य भी जहाँ रहते हैं।

सच्चा प्यार कब हो जाये पता ही नहीं है,
दिल में कब कौन आकर बस जाये यहां।

जिसके हृदय में करुणा का वास होता है
प्यार माँ पिता भाई बहिन सब में होता है।
डॉ उषा अग्रवाल जलकिरण
छतरपुर मध्यप्रदेश

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