
बबर्र शेर थे वीर शिवा जी , भगवा ध्वज थी शान ।
हमारा भारत देश महान ।।
उन्नीस फरवरी सोलह सौ तीस में शुभ मुहुर्त था आया ।
शिवनेरी पहाड़ी के किले में तब सुजन्म शिवा ने पाया ।।
पिता शाहजी राजे भोंसले और इनकी माता जीजाबाई ।
जन्म दिवस की खुशी बहुत थी वहाँ बाजी बहुत बधाई ।।
दादोजी कोंडदेव ने इनको , दिया शस्त्र युद्ध का ज्ञान ।
हमारा भारत देश महान ।…………………………….१
माता जीजाबाई धार्मिक शुभ सद् गुण संस्कार दिये थे ।
सबका कर सम्मान और नारी की महिमा बहुत किये थे ।।
राष्ट्र प्रथम गुरु मातु पिता फिर ये सीख गुरु जी दिये थे ।
सह्रदय सद्भाव सुशिक्षा से शिवा जी परिपूरित हिये थे ।।
कट्टर शत्रु और विदेशी करते थे इनका बहु सम्मान ।
हमारा भारत देश महान ।……………………………२
मई सोलह सोलह सौ चालीस इनका विवाह हुआ था ।
उन्नीससाल की उम्र शिलसिला जीत का शुरु हुआ था ।।
सहधर्मिणी सहबाई साध्वी ने सदा ही साथ दिया था ।
धर्म , कर्म , संग्राम , सुशिक्षा सब में ही साथ दिया था ।।
संभाजी सा सुपुत्र प्राप्त हुआ यह जानत सकल जहान ।
हमारा भारत देश महान ।……………………………३
बीजापुर के आदिलशाही औरंगजेब व निजामशाही ।
नाको चने चबाये इनने और हुई शिवा का वाह वाही ।।
छत्रपति की छापामार लडाई अफजल खां पर भारी ।
पुत्र के साथ कैद से निकले थी अनुपम बुद्धि तुम्हारी ।।
गोरिल्ला सा युद्ध आपका पाया था देवी का वरदान ।
हमारा भारत देश महान ।…………………………४
गुरु समर्थ श्री रामदास जी निज मुद्रा पर लिखवाया ।
न अभिषेक न संस्कार फिर ये वनराज राजवन पाया ।।
कर स्थापित हिन्दु राज्य को नया इतिहास रचाया ।
जजियाकर और धर्म परिवर्तन का था कलंक मिटाया ।।
दयावान और नीतिवान से उन्हें मिलता रहा सम्मान ।
हमारा भारत देश महान ।…………………………५
गागा भट्ट विद्वान कवि भूषण कवि कुलेश जैराम ।
परमानंद विद्वान संस्कृत हिन्दी भी आये इनके धाम ।।
सोलह सौ पैतालीस पत्र में हिन्दवी स्वराज लिखाया ।
यह ही है वो शब्द जो बाल गंगाधर तिलक को भाया ।।
अष्टप्रधान मंडल को राज्य की सौपी थी सुदृढ़ कमान ।
हमारा भारत देश महान ।………………………….६
दौलत खां और सिद्दीकी मुस्लिम नौ सेना के नायक थे ।
मुल्ला हैदर और बहादुर खां गवर्नर बने दूत लायक थे ।।
करें नारी सम्मान शिवाजी माँ का सपूत था आज्ञाकारी ।
कीर्ति कवि श्री भूषण जी ने जो बिरदावली गायी भारी ।।
तीन अप्रैल सोलह सौ अस्सी में चिर सोया शेर महान ।
हमारा भारत देश महान ।…………………………….७
डा. राजेश तिवारी ‘मक्खन’
झांसी उ प्र




