
तुम दोनों किरदार कैसे निभा लेती हो
यादें बुरी व अच्छी तुम दोनों होती हो
कभी जब आती हो दिन बन जाता है
कभी रात की नींद भी उजाड़ देती हो
कभी कभी तो बच्चा बना जाती हो
कभी दुःख का सैलाब बहा जाती हो
कभी तो आकर कुछ सिखा जाती हो
कभी हमसे ही कुछ छीन ले जाती हो
न कोई समय होता तुम्हारा न दिन
कभी भी आती और चली जाती हो
कभी कभी तो साथी भी लगती हो
कभी पूरी दुश्मनी निकाल लेती हो
क्या यही काम होता है बस तुम्हारा
या फिर कहीं कुछ और भी करती हो
उद्देश्य क्या होता है आने का तुम्हारा
ये तो बताओं आखिर क्यों आती हो
मीनाक्षी शर्मा




