साहित्य

स्कंदमाता

डॉ उषा अग्रवाल जलकिरण

पंचम दिवस पार्वती का रूप स्कंदमाता।
मातृत्व ममता ज्ञान बुद्धि शक्ति देतीं माता।।

ज्ञान बुद्धि प्रदाता हैं माता देतीं जो सबको।
मूढ़ भी ज्ञानी बन जाता फल मिलता उसको।।

तारकासुर का वध करते हैं माँ के पुत्र स्कंद।
माँ दुर्गा ने रूप लिया पुत्र हुए तभी निकंदन।।

स्कंदमाता का ध्यान धरे सुख शांति मिलती।
परिवार में सद्भाव रहता आत्म शक्ति मिलती।।

शत्रु दमन करने की शक्ति माँ सबको देतीं।
भक्तों को सदा विजयी करतीं ऊर्जा भर देतीं।।

स्कंदमाता को केले का भोग‌ भक्त लगाते हैं ।
मनवांछित फल देतीं मैया जयकारे लगाते हैं।।

मुक्ति और मोक्ष देतीं अपने भक्तों को माता।
परम शांति मन में आती शुभ शक्ति की दाता।।
डॉ उषा अग्रवाल जलकिरण
छतरपुर मध्यप्रदेश

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