आवेशावतार भगवान नृसिंह चतुर्दशी पर सजा ‘कल्प भेंटवार्ता’ मंच, पूजा अग्रवाल सम्मानित
“हर दिन अवसरों से भरा होता है” — गुरुग्राम की उद्यमी-साहित्यकार पूजा अग्रवाल का प्रेरक संदेश

आवेशावतार भगवान नृसिंह चतुर्दशी के पावन अवसर पर प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित कल्पकथा साहित्य संस्था द्वारा ‘कल्प भेंटवार्ता’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर गुरुग्राम (हरियाणा) से जुड़ीं महिला उद्यमी एवं प्रबुद्ध साहित्यकार श्रीमती पूजा अग्रवाल को ‘कल्प भेंटवार्ता पत्रम’ से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में समाजसेवी, वरिष्ठ पत्रकार एवं ‘द ग्राम टुडे’ समाचार पत्र समूह के संस्थापक तथा दिव्य गंगा सेवा मिशन के संरक्षक डॉ. शिवेश्वर दत्त पाण्डेय उपस्थित रहे।
संस्था की संवाद प्रभारी ज्योति राघव सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन श्रीमती कीर्ति त्यागी के संयोजन में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य साहित्य, समाज और सृजनशीलता के क्षेत्र में सक्रिय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना तथा उनके अनुभवों से समाज को प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित रोचक प्रश्नोत्तरी एवं प्रेरक संवाद सत्र में पूजा अग्रवाल ने अपने जीवन अनुभव साझा करते हुए कहा कि “हर दिन एक नया दिन होता है, जो अवसरों से भरा होता है। हमें हर दिन को एक नए नजरिए से देखना चाहिए और केवल बड़े अवसरों की प्रतीक्षा करने के बजाय छोटे-छोटे अवसरों में भी सीखने और आगे बढ़ने का प्रयास करना चाहिए।” उनके इन विचारों ने श्रोताओं को सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयास की प्रेरणा दी।

कल्पकथा के यूट्यूब चैनल पर सीधे प्रसारित इस कार्यक्रम में डॉ. शिवेश्वर दत्त पाण्डेय ने पूजा अग्रवाल के सम्मान में अपनी स्वरचित ‘फायकू’ रचनाएं प्रस्तुत कीं। इन रचनाओं के माध्यम से उन्होंने सृजन, उद्यमिता, नारी शक्ति, संघर्ष, सेवा, परिवार और जीवन के विविध रंगों को अत्यंत भावपूर्ण ढंग से अभिव्यक्त किया—
सृजन से जीवन महके
कला के संग
तुम्हारे लिए
उद्यमिता की नई राह
हिम्मत और विश्वास
तुम्हारे लिए
शब्दों में भाव झलके
मन की मधुर धुन
तुम्हारे लिए
सपनों को देती आकार
नारी की शक्ति
तुम्हारे लिए
संघर्षों से सीखा जीवन
मुस्कान के साथ
तुम्हारे लिए
हर रंग में खुशियाँ बसें
पेस्टल रंगों संग
तुम्हारे लिए
सेवा से मन हो उजला
सच्चे कर्मों से
तुम्हारे लिए
परिवार संग मधुर क्षण
प्यार भरे पल
तुम्हारे लिए
ऊँचाइयों को छूती चाह
अडिग दृढ़ कदम
तुम्हारे लिए
जीवन बने एक उत्सव
हर एक पल
तुम्हारे लिए
अपने उद्बोधन में डॉ. पाण्डेय ने कहा कि श्रीमती पूजा अग्रवाल एक सशक्त उद्यमी, संवेदनशील साहित्यकार और रचनात्मक व्यक्तित्व की धनी हैं। वे अपने व्यवसाय “Finesse” के माध्यम से सौंदर्य और उपयोगिता का सुंदर समन्वय प्रस्तुत करती हैं। साथ ही साहित्य, समाजसेवा और कला के क्षेत्र में सक्रिय रहकर निरंतर समाज को प्रेरणा देती हैं तथा सकारात्मकता और सृजनशीलता का संदेश फैलाती हैं।
कार्यक्रम को चार चरणों—व्यक्तिगत परिचय, साहित्यिक यात्रा, दर्शकों के प्रश्न तथा ‘चटपटे प्रश्न-अटपटे उत्तर’—में सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न किया गया। प्रत्येक चरण में संवाद, विचार-विमर्श और सहभागिता का उत्साहपूर्ण वातावरण बना रहा।
कार्यक्रम के समापन पर वंदे मातरम् राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन किया गया। तत्पश्चात आमंत्रित अतिथियों, सहभागी साहित्यकारों एवं दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम को विश्राम दिया गया।
यह आयोजन न केवल साहित्यिक संवाद का सशक्त मंच सिद्ध हुआ, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच, नारी सशक्तिकरण और रचनात्मक ऊर्जा के प्रसार का प्रेरणास्रोत भी बना।




