
अहरौला। विकासखंड के बाकरकोल ग्राम सभा के परगासपुर निवासी बहादुर पुत्र शिवराज पात्र होकर भी आवास के लिए अधिकारीयों के चक्कर लगा रहे है पहले तो ग्राम प्रधान के पास चक्कर लगाया और आश्वासन मिलता रहा अब ब्लॉक व तहसील के लेखपाल का चक्कर काट रहे है। पात्र परिवारों को सुविधा न उपलब्ध होना बडा सवाल हैं। अनुसूचित बस्ती के बहादुर राम ब्लॉक से लेकर तहसील तक और सचिव से लेकर लेखपाल तक आवास के लिए चक्कर लगा रहे हैं कारण की बहादुर राम का परिवार आवास की आस मे पाच साल तक प्रधान के आश्वासन पर आशा लगाये बैठा था अब वर्षा ने दस्तक दे दिया तो फिर आशीयाने की तलाश मे दरबदर भटक रहे है कच्चा घर पूरी तरह से जर्जर हो गया है बीते आधी बारिश मे कुछ हिस्सा गिर गया मिट्टी की दिवाल जगह-जगह फट कर गिर रही हैं एक 10 साल की पुत्री की एक आंख पूरी तरह से खराब होकर फोड़ा बन गया है लेकिन पैसे के अभाव में इलाज भी नहीं हो रहा हैं आयुष्मान कार्ड भी नही बना की बच्ची का इलाज करा सके। गांव के प्रधान से उन्होंने बीते कई बार आवास के लिए प्रधान से गुहार लगाई। बहादुर राम ने बताया कि आवास की मांग को लेकर बीते सप्ताह खंड विकास अधिकारी अहरौला को भी एक पत्रक दिया एसडीएम बूढनपुर के यहां भी गए थे और एसडीएम ने लेखपाल से मिलने को कहा। लेखपाल तो मौके पर पहुंचे लेकिन रिपोर्ट लगाने को दौडा रहे है अब तक तीन बार लेखपाल से मिल चुका। कहा कि देने के लिए हमारे पास सुविधा शुल्क नही है जिससे काम नही हो रहा और परेशान किया जा रहा है। बहादुर राम की आखिरी उम्मीद है तो गोरखपुर मुख्यमंत्री के जनता दरबार में पहुंचकर अपनी पीडा बताने की कैसे भ्रष्ट सिस्टम के शिकार हो रहे है।
इस संबंध में खंड विकास अधिकारी अहरौला विनीत कुमार यादव का कहना है कि अभी तीन दिन पहले सभी प्रधानों से बीसी के जरिए गांव में सर्वे कराकर पात्रों के रजिस्टेशन कराने को कहा गया है पात्रों के लिए 5 से 6 बिंदु है जिसमें आपदा प्रबंधन भी है और पंजीकरण सूची से ब्लॉक ब्लॉक से ऐसे व्यक्तियों के लिए सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।दूसरा लेखपाल के सर्वे में अगर आपदा प्रबंधन का मामला बनता है तो उसी आधार पर मुख्यमंत्री आवास तत्काल पीड़ित को मुहैया हो जाएगा।



