
शुक्रवार की सुबह से शाम
पूरे कालीदेवी में गूंजे सामानों के दाम
कोई बोले कपड़ो के भाव
तो कोई बोले भजिये के भाव
सब कहे भाइयों ओर बहनों इधर आओ
ना किसी चीज की कमी
ना कोई व्यापारी खाली
हफ्ते में एक दिन
जैसे मेला भराए
शुक्रवार के दिन
सब भजिया खाए
मेले में झूले नहीं
बस दुकान है बहुत
लोगों की भीड़ हैं
छोटे बड़े सब मौजूद
जिसमें दुकानदार भी
ओर खरीदार भी है
सब अपने अपने समानों की
लिस्ट के साथ तैयार भी हैं
भुजिया भी भजिया भी
फल भी मिठाई भी
शुक्रवार की तैयारी तैयार भी ।।
– रिया राणावत
कालीदेवी,झाबुआ(मध्यप्रदेश)




