ट्रिपल इंजन की सरकार में विकास खोज रहे रुड़की निवासी, शिकायतों के बावजूद नहीं बनी सड़क
डाॅ.शिवेश्वर दत्त पाण्डेय

रुड़की। ट्रिपल इंजन की सरकार में विकास के दावों के बीच रुड़की निवासी एक बार फिर बुनियादी सुविधाओं की बदहाली से परेशान हैं। मुख्यमंत्री शिकायत प्रकोष्ठ में जनवरी माह से लगातार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद संबंधित सड़क का निर्माण नहीं हो सका। मानसून की पहली ही बरसात ने नगर निगम के विकास कार्यों और बड़े-बड़े दावों की पोल खोल दी है। हालत यह है कि सड़क पर कीचड़ नहीं, बल्कि चारों ओर सिर्फ जल ही जल दिखाई दे रहा है। ऐसा लग रहा है जैसे किसी नहर ने अपना रास्ता बदल लिया हो और वह सड़क, मार्गों तथा गलियों में बहने लगी हो।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की खराब हालत के कारण उन्हें लंबे समय से आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के बाद स्थिति और भी भयावह हो गई है। सड़क पर पानी इस कदर भर गया है कि यह समझ पाना मुश्किल हो रहा है कि यह सड़क है या फिर कोई जलधारा। कई जगहों पर पानी इतना अधिक जमा है कि पैदल चलना तो दूर, दोपहिया वाहन निकालना भी जोखिम भरा हो गया है। लोगों का कहना है कि कीचड़ की समस्या तो फिर भी किसी तरह संभाली जा सकती थी, लेकिन यहां तो चारों ओर सिर्फ पानी ही पानी है, जिससे पूरा इलाका तालाब जैसा नजर आने लगा है।

निवासियों ने बताया कि बरसात के बाद सड़क और आसपास की गलियों में पानी का बहाव इतना तेज और लगातार है कि ऐसा प्रतीत होता है मानो नहर ने अपना रुख बदल लिया हो। पानी गलियों में इस तरह फैल गया है कि घरों के बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई लोग रोजमर्रा के कामों के लिए बाहर निकलने से भी बच रहे हैं, क्योंकि जरा सी चूक पर फिसलने और गिरने का खतरा बना हुआ है।
लोगों ने आरोप लगाया कि नगर निगम और संबंधित विभाग केवल कागजों में विकास दिखा रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। शिकायतों के बावजूद सड़क निर्माण न होना और जलनिकासी की व्यवस्था का पूरी तरह फेल हो जाना प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते नाली, नाला और सड़क की व्यवस्था दुरुस्त की गई होती तो आज यह स्थिति पैदा नहीं होती। अब हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि बारिश का पानी सड़क पर ठहरने के बजाय गलियों में बहता हुआ पूरे क्षेत्र को जलमग्न कर रहा है।
क्षेत्रवासियों ने बताया कि कई बार शिकायत करने के बाद भी न तो सड़क की मरम्मत हुई और न ही पानी निकासी की कोई स्थायी व्यवस्था की गई। नतीजा यह है कि हल्की बारिश में भी पूरा इलाका पानी से भर जाता है। लोगों का कहना है कि यह समस्या केवल एक सड़क की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की बदहाली का प्रतीक बन चुकी है। जहां विकास की बातें होनी चाहिए थीं, वहां अब लोग पानी से जूझ रहे हैं। सड़क पर बने गड्ढे पानी से भरकर दिखाई ही नहीं देते, जिससे दुर्घटना की आशंका और बढ़ गई है।
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य को जल्द से जल्द शुरू कराया जाए और जलनिकासी की ठोस व्यवस्था की जाए, ताकि बरसात के मौसम में उन्हें और अधिक परेशानी का सामना न करना पड़े। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे सामूहिक रूप से विरोध दर्ज कराएंगे। क्षेत्रवासियों का कहना है कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि मौके पर काम दिखना चाहिए, क्योंकि हर बारिश के साथ उनकी परेशानी बढ़ती जा रही है और पूरा इलाका मानो नहर के बहाव में डूबता जा रहा है।




