
अर्ज किसी ने है किया,
मिलने को यमराज।
हमने भी बतला दिया
गोण्डा के सरताज।।
वो यमराज के मित्र हैं,
द्वार में बड़ा लगाव।
जाना हो यदि स्वर्ग में,
हमसे सही बताव।।
अभी न जाओ सरग में,
मन में रख लो धीर।
गर मिलना यमराज से,
उनका नाम सुधीर।।
डॉ मधुसूदन तिवारी मंडला, मध्यप्रदेश




