आलेख
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शीघ्रता,शुद्धता और परीक्षाओं में सफलता
पुरानी कहावत है कि – का वर्षा जब कृषि सुखाने। समय चूकि अब का पछताने।। कदाचित यह कहावत विभिन्न शैक्षिक…
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गुरुकुल से गुलामी तक : मैकाले की ट्रिपल सी पॉलिसी और सनातन ज्ञान पर प्रहार
भारतीय सनातन संस्कृति की आत्मा गुरुकुल परम्परा में निहित रही है। गुरुकुल केवल शिक्षा का केंद्र नहीं था, बल्कि यह…
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छात्र धैर्य से करें तैयारी, अभिभावक करें सहयोग
इस समय छात्रों का प्री बोर्ड चल रहा है व प्रैक्टिकल एग्जाम्स के डेट नजदीक है फरवरी में बोर्ड एग्जाम्स…
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प्रेम जब प्रतीक्षा को देता है, तो संस्कार बनता है
आधुनिक समय में प्रेम और विवाह को लेकर सबसे बड़ा भ्रम यह है कि सब कुछ पहले जान लेना ही…
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श्री बज्रांग आश्रम देवली द्वारा असहाय वृद्धों को किया गया कंबल वितरित
प्रतापपुर – क्षेत्र के देवली ग्राम में स्थित श्री बज्रांग आश्रम द्वारा निर्धन एवं असहाय वृद्धों को कंबल वितरित किया…
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तेरे संग चाय का फितूर” रोमांटिक काव्याभिव्यक्ति…..!
—— हां भाई हां यह एक बहुत ही रोमांटिक और काव्यात्मक अभिव्यक्ति है! “तेरे संग चाय का फितूर” का अर्थ…
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तुलसीदास की भाषिक चेतना और अवधी में श्रीरामचरितमानस की रचना
मध्यकालीन भारतीय साहित्य में गोस्वामी तुलसीदास केवल एक महान कवि ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्निर्माण के अग्रदूत भी हैं। जिस…
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स्त्री-तत्त्व का विवेक: नारी शक्ति के सम्मान अथवा सम्मान सहित त्याग में ही समाज का कल्याण सम्भव है
भारतीय सनातन परंपरा में स्त्री को केवल देह या सामाजिक भूमिका तक सीमित नहीं किया गया, बल्कि उसे चेतना, शक्ति…
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तुलसी के राम बनाम पाश्चात्य दर्शन
प्राचीन भारतीय वाङ्मय से लेकर अर्वाचीन साहित्य तक में प्रकृति के प्रत्येक कण-कण में परमेश्वर की परमसत्ता और सर्वव्यापकता की…
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थोड़ा समय स्वयं के लिये भी निकालें
किसी को यदि व्यायाम, योगाभ्यास, हंसने और अपनों के साथ रहने की बातें कही जायें तो हम कहने लगते हैं…
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