साहित्य
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तेरे आने से (छंदमुक्त गीत)
तेरे आने से अब मुझको, सब अच्छा लगता है, सूखे जीवन के उपवन में, जैसे सावन बरसता है। लोग पूछते…
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ग़ज़ल
जीने को जीते रहते हैं अपने भीतर एक जिया। पाने को पा ही जाते हैं अपने भीतर एक पिया। भीतर…
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स्मृतियां
सुगंध की स्मृति से मन खिल खिल जाता है। वो मां के हाथ का खाना बहुत याद आता है। वह…
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सिलेंडर की मार, रसोई बेकरार
सिलेंडर महँगा हो गया, मम्मी की आँखें नम, बिल देखकर बोलीं, “अरे बेटा, अब क्या दम?” रसोई में देखो अब…
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ग़ज़ल
गुज़रे बहुतों साल मग़र ख़ुशहाल रहो तुम, हम कैसे न पूछो मेरे हाल मग़र ख़ुशहाल रहो तुम। भूल गए उन…
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गर्मी की दस्तक
सर्दी की ऋतु गई । गर्मी की ॠतु आई। जीव जंतु पक्षी हुए बेहाल हुऐ। गर्मी ने आकर पसीना छुटाया।…
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नया सवेरा
जब अंधेरों से घिर जाए जीवन की हर राह, जब थक कर बैठ जाए मन, टूटने लगे हर चाह, तब…
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गजल मुस्कुराना सीखना है
ग़मों में भी सभी को मुस्कुराना सीखना है, ज़माने को सदा दिल से हँसाना सीखना है। अगर किस्मत कभी हमको…
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महिलाओं से ही जीत है
कहते हैं हर जीत का कारण होते हैं पुरुष, जैसे श्री राम ने जीती थी रामायण, जैसे महाभारत के योद्धा…
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मुस्कान
गमों के ढ़ेर पर भी मुस्कान की चिंगारी जलती रहे, कैसे भी बादल छाएँ, मुस्कुराहट बरसती रहे। ज़िन्दगी जीने को…
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