साहित्य

  • हे! गुरुदेव प्रणाम आपके पावन श्रीचरणों में

    हे! गुरुदेव शत शत मेरा,प्रणाम आपके चरणों में। जगत के समस्त तीरथ,धाम हैं आपके चरणों में।। भू पर सब धर्म…

    Read More »
  • फागुन आया

    रंग बिरंगा फागुन आया, खेल रहे सब होली। गली-गली में घूम रही है, हुरियारों की टोली।। नीले पीले लाल गुलाबी,कई…

    Read More »
  • होली आई रे

    होली आई रे,आई रे,होली आई रे। अमवा की डाली कोयलिया काली, वन उपवन सजी फूलों भरी डाली, गेंहूँ सरसों की…

    Read More »
  • कब आओगे मोहन

    कब आओगे मोहन अखियां तरह रही है दरश को तेरे ये कब से बरस रही है कहीं भूला तो ना…

    Read More »
  • नारी जीवन का अर्थ,,,

    कभी-कभी मैं सोचती हूं, नारी जीवन का क्या अर्थ है? दूसरों पर हर पल निर्भर रहे, क्या उसका जीवन व्यर्थ…

    Read More »
  • होली

    होली आई रे आई खेलो सब मिलकर भाई खुशी से हँसना खुशी से गाना । कुछ भीगी टोली होली मे…

    Read More »
  • तुम पर ही फ़िदा हूँ

    मेरी जीवनसंगिनी संगीता यादव को वैवाहिक वर्षगाँठ की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। 27 फरवरी 2026। मैं तुम्हें चाहता हूँ, तुम…

    Read More »
  • लघुकथा- उधार

    “पापा! आपके बस का कुछ नहीं है। आप हमारी ज़रूरतें जब पूरी नहीं कर सकते थे तो हमें पैदा ही…

    Read More »
  • बवाल मचाया ही क्यों

    अगर प्रेम मिलन करना ही था, तो इतना बवाल मचाया ही क्यों। अगर प्यार नहीं था तुम्हें मुझसे, तो इतना…

    Read More »
  • होरी- रसिया

    आज रंग में खेलूंगी रसिया, व्रज में होरी मचाई रसिया! आज…! तुम तो श्याम चतुर रसिया, न समझो सीधी नार…

    Read More »
Back to top button
error: Content is protected !!