साहित्य
डॉ भगवान प्रसाद उपाध्याय की दो बाल कविताएं
पक्षी भी शिक्षा देते है
तितली से हम सीखें उड़ना
भंवरों से नित मंडराना
कोयल से हम सीखें गाना
तोते से रटकर पढ़ना
कौए से चतुराई सीखें
बगुले से ध्यान लगाना
बाज सरीखे ऊंचे उड़कर
आसमान को छू लेना
पक्षी भी शिक्षा देते हैं
आपस में मिलकर रहना
बच्चों को स्कूल भेजिए
बच्चों को स्कूल भेजिए
कुछ तो पढ़ना सीखेंगे
विना पढ़े तो वह केवल
सब से लड़ना सीखेंगे
शिक्षा से ही बात बनेगी
आगे बढ़ना सीखेंगे
विना पढ़े सम्मान नहीं है
दिन फिर कैसे बीतेंगे
पढ़कर ही वे आगे बढ़कर
हर संकट में जीतेंगे
निवास – *पत्रकार भवन*
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