सम्भल के संगम महोत्सव में भागीरथ सिन्हा और डॉ संदीप सचेत की पुस्तकों का होगा विमोचन

हिन्दू जागृति मंच की एक आवश्यक बैठक ज्ञानदीप मंदिर स्कूल में आयोजित की गई, जिसमें माँ शारदे के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित करके कार्यक्रम की सफलता हेतु मंथन किया गया।
साहित्य की धारा को और भी प्रबल करने के उद्देश्य से कल्कि नगरी संभल में होने वाले राष्ट्रीय काव्य संगम महोत्सव में जहांँ एक तरफ कवि सम्मेलन द्वारा कविता, गजल, गीत, दोहा आदि विधाओं के माध्यम से विभिन्न रसों की धारा बहेगी, वहीं दूसरी तरफ जाने-माने साहित्यकारों द्वारा रचित कुछ पुस्तकों का लोकार्पण भी होगा।
कार्यक्रम संयोजक अतुल कुमार शर्मा ने बताया कि इस महोत्सव में दिल्ली के प्रसिद्ध रचनाकार भागीरथ सिन्हा द्वारा रचित पुस्तक “लहरों से टकराया करता हूंँ”, सम्भल के शिक्षक साहित्यकार डॉ संदीप सचेत द्वारा रचित पुस्तक “सुबह की धूप”, पंजाब प्रान्त के कलमकार दिलीप कुमार पाण्डेय द्वारा रचित पुस्तक ”मैं समय हूँ”, आदि पुस्तकों का विमोचन होगा।
बैठक में मंच-सज्जा, भोजन-जलपान, सम्मान-व्यवस्था एवं स्वागत समिति का गठन करके, संस्था के पदाधिकारियों को दायित्व सौंपे गए। इस अवसर पर अमित शुक्ला, सुमन कुमार वर्मा, विकास वर्मा, गुरमीत सिंह, नवनीत कुमार, सुभाष मोंगिया, मीनू रस्तौगी, मलयकांति शर्मा, ज्ञानप्रकाश उपाध्याय, उज्ज्वल वशिष्ठ, पूनम शुक्ला, अजय गुप्ता सर्राफ, के के मिश्र, संजीव सारस्वत, नेहा मलय, नवरत्न वार्ष्णेय, महावीर सिंह, विशनलाल सिंह, आशा गुप्ता, रचित गुप्ता, राजेन्द्र सिंह गुर्जर आदि लोग मौजूद रहे। अध्यक्षता अजय कुमार शर्मा ने एवं संचालन सुबोध कुमार गुप्ता ने किया।




