साहित्य

समय का मूल्य समझो तो मंजिलआकर कदम चूम लेती है

एस के कपूर"श्री हंस"

1
चाहो शिद्दत से हर सपना साकार होता है।
बिन इच्छाशक्ति बस यह निराधार होता है।।
हमारा जोशो जनून बन जाता ऊर्जा का स्रोत।
गर सामने समयानुसार लक्ष्य लगातार होता है।।
2
बीता समय कभी आगे बढ़ाता नहीं है।
और कल कभी भी लौट कर आता नहीं है।।
वर्तमान में ही समाहित है भविष्य का रहस्य।
भूतकाल से भविष्य का रास्ता जाता नहीं है।।
3
समस्या के भीतर ही निहित होता समाधान है।
जीवन ही समस्या और जीवन ही निदान है।।
पीड़ा का स्वागत करो कि मजबूत है बनाती।
युगों से जाना- माना यही ही एक विधान है।।
4
गलती से सीखो यह अनुभव ज्ञान कहती है।
ये जिंदगी हर कदम कई इम्तिहान देती है।।
विश्वास कीऊर्जा,समय का मान कभी मत गँवाना।
फिर मंजिल आकर खुद तेरे कदम चूम लेती है।।

रचयिता।।एस के कपूर”श्री हंस”
बरेली।।

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