
तन से बैठे घर पर मन से, कई मंजर हमने घूम लिए ।
नूर की बारिश देख वदन, कई खेत वो बंजर झूम लिए ।
किससे कहना क्या सुनना है, सब मायावी दुनिया है,
कितनी बातें मन में रख,हमने कई खंजर चूम लिये ।
विनीता चौरासिया
शाहजहाँपुर उत्तर प्रदेश

तन से बैठे घर पर मन से, कई मंजर हमने घूम लिए ।
नूर की बारिश देख वदन, कई खेत वो बंजर झूम लिए ।
किससे कहना क्या सुनना है, सब मायावी दुनिया है,
कितनी बातें मन में रख,हमने कई खंजर चूम लिये ।
विनीता चौरासिया
शाहजहाँपुर उत्तर प्रदेश