
चलो थोड़ा रूमानी हो जायें
मौसम भी थोड़ा सर्द है,
हवाओं में भी मादकता है,
और….,
चाँदनी भी सर्द है,
तारे भी सिमट गए हैं,
चलो थोड़ा घूम आयें,
देखो.. तो,
तारे मिलने को बेताब
हो रहे हैं,
चाँदनी भी मचल रही है,
तुम्हारे सोंदर्य का,
दीदार करने को,
चलो थोड़ा घूम आयें,
इस…,
सर्द हसीन वादियों में,
चलो थोड़ा रूमानी हो जायें ||
शशी कांत श्रीवास्तव
डेराबस्सी मोहाली, पंजाब
22-02-2026




