
करती हूँ आज भी इंतजार
तुम्हारा…!
शिद्धत से,
खड़ी खड़ी चौखट पे,
इन सूनी सूनी आँखों से,
कि….,
तुम आओगे लौट कर,
एक दिन |
इंतजार है उस पल का,
इन सूनी सूनी अँखियों को,
करती हूँ आज भी इंतजार तुम्हारा ||
शशि कांत श्रीवास्तव
डेराबस्सी मोहाली, पंजाब
19-02-2026



