
सत्य एक ऐसी ताकत है
जो लड़ती है झूठों से
सत्य को झूठें घायल कर देते हैं
अथाह पीड़ा देते हैं
पराजित करने की कोशिश होती है
कई दांव-पेंच लगाये जाते हैं
छल-कपट की साजिशों में
लपेटा जाता है सत्य को
निर्भीक,धैर्यवान सत्य इस युद्ध में
झूठ को खिसियाते देखता है
सत्य हिमालय की तरह अडिग
रौंद देता है झूंठ के पुलिंदे को
जयचन्द प्रजापति जय
प्रयागराज




