साहित्य
कवि एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के कार्यकाल में आतंकवाद पर लिखी हुई एक स्वचरित रचना
सुशील त्रिवेदी ""अनुज""
विश्वास तोड़ता अटल बंधु भारत पर आतंकी हमला,
संसद के हृदय पटल पर भी हमलावर बोल गए हमला,
अब शेष नहीं कोई बात रही इन बारुदी दुर्गंधों से,
अब आतंकी क्यों भटक रहे पूंछो जेहाद के अंधों से,
कश्मीर खंड भारत का है आज रक्त में जो सना हुआ,
आतंकी ओसमाबिन लादेन जो वह मरण-वरण में लगा हुआ,
दानवता सड़कों पर घूमे खा करके स्वच्छंद कला,
विश्वास तोड़ता अटल बंधु भारत पर………।
गद्दार देश में छिपे हुए वो नमक हरामी करने लगे,
गाजी बाबा को मान बाप सूचनाएं सभी को देने लगे,
नापाक इरादे छोड़ पाक जाबांज इरादे पक्के हैं,
भारत के सिंह दहाड़ रहे अब पाक के छूटे छक्के हैं,
आतंकी कर लो मनमानी कश्मीर मिले ना कबहुं लला,
विश्वास तोड़ता अटल बंधु भारत पर………।
जय हिंद, जय भारत,
सुशील त्रिवेदी “”अनुज””✍️
कोशिश ए तीर, टीचर त्रिवेदी,✅👍🙏




