काव्य की सरिता में बही भक्ति और शुभकामनाओं की धार

झारखंड / ऑनलाइन: रायबरेली काव्य-रस साहित्य मंच (झारखंड इकाई) के तत्वावधान में बीते कल एक भव्य आभासी (Online) काव्य-गोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मंच के केंद्रीय पदाधिकारी एवं मार्गदर्शक आदरणीय सुधीर श्रीवास्तव जी की 25वीं वैवाहिक वर्षगांठ एवं महाशिवरात्रि के पावन पर्व को समर्पित रहा।

कार्यक्रम की मुख्य झलकियाँ:
शुभारंभ: कार्यक्रम की शुरुआत संस्थापक आदरणीय शिवनाथ सिंह ‘शिव’ की अनुमति से हुई। सर्वप्रथम दिलीप कुमार शर्मा जी ने मां शारदे की वंदना कर वातावरण को भक्तिमय कर दिया।
स्वागत संबोधन: झारखंड इकाई की अध्यक्षा एवं कार्यक्रम आयोजिका पूर्णिमा सुमन जी ने देश-विदेश से जुड़े सभी वरिष्ठ रचनाकारों का गर्मजोशी से स्वागत किया।
रजत जयंती बधाई: सुधीर श्रीवास्तव जी के दांपत्य जीवन के 25 सफल वर्ष पूरे होने पर कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से उन्हें ‘शब्द-पुष्प’ भेंट किए और मंगलमय जीवन की कामना की।सुधीर श्रीवास्तव जी सभी के प्रेम और सद्भावना हेतु आभार व्यक्त किया।
शिव महिमा: महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में रचनाकारों ने एक से बढ़कर एक कविताएं, गजल, गीत, मुक्तक, सवैया और दोहे प्रस्तुत किए, जिससे पूरा मंच शिव की भक्ति में सराबोर नजर आया।
प्रमुख सहभागिता:
गोष्ठी में दिलीप कुमार शर्मा, जनकवि सुखराम शर्मा, अरविंद कुमार ‘अनोखे’, दिनेश भट्ट, दिवाकर पाठक, कुसुम रानी सिंघल, गीता विश्वकर्मा, आभा गुप्ता, अवधेश कुमार श्रीवास्तव, दिनेश दुबे, गार्गी चटर्जी ‘आशा’ ,सुरेश कुमार बन्छोर और संतोष श्रीवास्तव जैसे लब्धप्रतिष्ठित रचनाकारों ने अपनी काव्य प्रतिभा से समां बांध दिया।
समापन:
कार्यक्रम के अंत में संचालिका पूर्णिमा सुमन जी ने सभी उपस्थित पदाधिकारियों और रचनाकारों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल साहित्य का संवर्धन होता है, बल्कि आपसी रिश्तों में भी प्रगाढ़ता आती है।
भवदीय,
प्रबंधक एवं समस्त पदाधिकारी,
रायबरेली काव्य-रस साहित्य मंच (झारखंड इकाई)




