दुर्गेश मोहन हुए” मातृभाषा रत्न” मानद उपाधि सम्मान से सम्मानित

पटना ।अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस 21 फरवरी के अवसर पर दुर्गेश मोहन को मातृभाषा सेवा में उल्लेखनीय कार्य के लिए 2026 का “मातृभाषा रत्न” मानद उपाधि से अलंकृत किया जाता है। यह एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मान है। जिसके आयोजक शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन, नेपाल है ।इस संस्था के अध्यक्ष आदरणीय आनंद गिरि मायालु द्वारा मुझे सम्मानित किया गया। यह सम्मान मुझे ऑनलाइन प्रदान किया गया ।

मायालु जी ने कहा कि साहित्यकार एवं शिक्षक दुर्गेश मोहन व्यक्तित्व के धनी हैं ।उनके लेखन में समाज के प्रति गहरा लगाव रहता है। आपकी रचना देश_ विदेश के सम्मानित पत्र_पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहती है ।आपको साहित्य में उल्लेखनीय योगदान के लिए देश-विदेश से सम्मानित किया गया है । इस सम्मान के प्रति साहित्यकारों,साहित्यप्रेमियों
,शुभचिंतकों एवं पाठकों में हर्ष है ।वे सभी उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दे रहे हैं ।सभी को उन पर गर्व है ।
आप चकवेदौलिया (समस्तीपुर) निवासी ब्रज नंदन मिश्र के सुपुत्र हैं।आप वर्तमान में बिहटा (पटना) में रहते हैं।
दुर्गेश मोहन ने कहा कि मुझे इस सम्मान को पाकर गर्व एवं हर्ष की अनुभूति हो रही है ।उन्होंने कहा कि संस्था द्वारा किए गए साहित्य के कार्य महत्वपूर्ण और सराहनीय होते हैं।




