
नई उम्मीद नया सपना लिए बैठे है,
नई किरण नया सवेरा लिए बैठे है,
नई क़दम नया मंज़िल लिए बैठे है,
नई क़लम नया नज़्म लिए बैठे है,
नई उड़ान नया आसमाँ लिए बैठे है,
नई वक़्त नया भविष्य लिए बैठे है,
नई शिक्षा नया पाठ्यक्रम लिए बैठे है,
नई परीक्षा नया परिणाम लिए बैठे है,
नई पीढ़ी नया इतिहास लिए बैठे है,
नई रात नया सवेरा लिए बैठे है,
जगदीश कुमार धुर्वे
(स्वतंत्र लेखक)
इटारसी, मध्य प्रदेश




