
1
नियम से चलो तो आराम बहुत है।
ईमानदारी का भी अपना ईनाम बहुत है।।
शिष्टाचार को बनाओ जीवन का अंग।
अभी थको नहीं कि काम बहुत है।।
2
दो हर किसीको दुयायें तो सलाम बहुत है।
नियत साफ रखो कीमती ईमान बहुत है।।
काट लो हर नफरत की डोर तुम सब जरा।
प्रेम में बसी हर खुशी की शान बहुत है।।
3
न नष्ट करो समय इसका सम्मान बहुत है।
समय का किया अनादर नुकसान बहुत है।।
समय से सीखो समय बहुत बड़ा शिक्षक।
समय से करो हर काम तो मान बहुत है।।
4
हर संबंध में समझो जरूरी एतराम बहुत है।
निरंतर प्रयास करो कि अरमान बहुत है।।
यह छोटी सी जिंदगी प्यार के लिए भी कम।
कर के देखो यह सब कि आसान बहुत है।।
5
धोखेबाज नहीं बाज बनो कि उड़ान बहुत है।
कोशिश मंजिल की ये आसमान बहुत है।।
सेवाऔर आदर करो माता -पिता का बहुत।
उतार नहीं सकते उनका एहसान बहुत है।।
6
जरूरी नहीं भगवान बस बनना इंसान बहुत है।
न करो गलत काम प्रभु का फरमान बहुत है।।
बस कमाओ दुनिया में आकर नेक नाम ही।
प्रभु के अनमोल जीवन का वरदान बहुत है।।
एस के कपूर”श्री हंस”
बरेली।।




