
वंदे भारत, वंदे भारत, मेरी भारत माँ का मान है,
हर धड़कन में राष्ट्र है मेरा, यही मेरी पहचान है।
गंगा–यमुना- सरस्वती संगम की एक पहचान है ,
कण-कण में इतिहास जगा, हर तृण-तृण में प्राण है।
काशी में विश्वनाथ पधारे,महामतुंजय की जय हो ,
दशाश्वमेध घाट की एक अलौकिक शान है ।।
हर धड़कन में राष्ट्र है मेरा……..
हरिद्वार में हर की पैड़ी, शांति कुंज की गरिमा है,
हर हर गंगे,बम बम भोले, अनुपम एक करिश्मा है।
ऋषिकेश में योग का जीवन, नीलकंठ की सुंदरता ,
ऋषि रैभ्य की घोर तपस्या, शुद्ध दिव्य स्थान है ।।
हर धड़कन में राष्ट्र है मेरा………..
श्री राम की जन्मस्थली, धर्म आस्था का प्रतीक ,
कनक भवन और रामकी पैड़ी मंदिर मस्जिद की है जीत।
भक्ति प्रेम का अनुभव होता, मथुरा की परिक्रमा में,
श्री कृष्ण की लीलाओं से मिलता अद्भुत ज्ञान है ।।
हर धड़कन में राष्ट्र है मेरा…………
पुरी, द्वारका, रामेश्वरम, बद्रीनाथ की महिमा है,
धरती का बैकुंठ यहां है, विष्णु नाम की गरिमा है।
ध्वजा ,पताका मेरे देश की,छाया और वरदान है ,
सत्य ,अहिंसा और वीरता , वीरों का बलिदान है ।
हर धड़कन में राष्ट्र है मेरा…………
जन गण मन अधिनायक जय हे , राष्ट्रगान की छाया है ,
वंदे मातरम , वंदे मातरम, भारत माँ की माया है ।
नहीं झुके हैं, नहीं झुकेंगे, हम भारत के वीर सिपाही हैं ,
दिलकश कहे मेरे देश को,मिला अभय वरदान है।।
हर धड़कन में राष्ट्र है मेरा……….
वंदे भारत, वंदे भारत, मेरी भारत माँ का मान है,
हर धड़कन में राष्ट्र है मेरा, यही मेरी पहचान है।
*दिनेश पाल सिंह दिलकश*
*जनपद संभल उत्तर प्रदेश*




