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सच्ची जीत

समता हो हरहाल में , दुख हो कोसों दूर।
मानवता खुशहाल हो, सुख हर घर भरपूर।।
सुख हर घर भरपूर, गज़ब की सबमें क्षमता।
नहीं भेद का भाव, हृदय में सबके समता।।1।।

जितने भी मानव मिलें, सबकी जय जयकार।
नहीं विषमता हो कहीं, विजय गले की हार।।
विजय गले की हार, मिले बाधा कितने भी।
कष्ट नष्ट हर हाल, राह आये जितने भी।।

ब्रह्मनाथ पाण्डेय’ मधुर’
वार्ड नंबर-5 काॅंटी, मुहल्ला- ककटही, नगर पंचायत- मेंहदावल, पोस्ट- मेंहदावल, जिला- संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश, 272271

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