साहित्य

कांटे भी साथी होंगे,,

सौ, भावना मोहन विधानी

माना कि आज राहें बहुत मुश्किल है,
पर हर समस्या का कोई न कोई हल है।
मेहनत करोगे तो उसका फल पाओगे,
कांटे भी साथी होंगे तुम मुस्कुराओगे।

जीवन की राहों में कभी फूल मिले,
कभी राहों की बस तुम्हें धुल मिले।
एक पल के लिए भी डगमगाना नहीं,
हमेशा जीवन में राह चुनना सही।

दिल से जो मेहनत करना जानते हैं,
वह कर्म को ही अपना खुदा मानते हैं।
फूल मिले या कांटे फर्क पड़ता नहीं,
वह जानते हैं क्या गलत क्या है सही।

विश्वास की लौ जगा कर आगे बढ़ो,
अपनी मेहनत से अपना इतिहास गढ़ो।
मिल जाएगा एक दिन जो तुम्हें चाहिए,
एक एक कदम बस आगे बढ़ते जाइए।

सौ, भावना मोहन विधानी
अमरावती महाराष्ट्र।

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