
āमिलकर सारे पेड़ लगाना धरती पर।
हरियाली हर ओर सुहाना धरती पर।।
प्राणी की सेवा करना धर्म हमारा।
प्रभु का शुभ संदेश बताना धरती पर।।
झूठी शान करो मत मानव जग जाओ।
सब नश्वर इसको समझाना धरती पर।।
नफरत का हर बीज मिटाना है हमको।
सुन्दर प्रेम सु दीप जलाना धरती पर।।
भूखों को रोटी-पानी दें हम-सब मिल।
रब की नेकी को बतलाना धरती पर।।
बच्चों को बस प्यार सिखाना धरती पर,
आँसू न कभी आप बहाना धरती पर।।
ममता कैसा दौर नहीं हम एक रहे।
बिखरेंगे तो कष्ट उठाना धरती पर।।
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ममता झा मेधा
डालटेनगंज




