साहित्य

मुश्किल

डाँ आदेश कुमार

मुश्किल की घड़ियाँ आती हैं,फिर पल में टल जाती हैं।

समय चक्र की गति के आगे,डगर बदल ही जाती हैं।।

 

मत घबराओ,मत घबराओ,धीरज मित्रों मत खोना।

अँधियारे के बाद सदा ही,मिलता सूरज का सोना॥

 

जब-जब जीवन में संकट के,काले बादल छाते हैं।

आशा के कुछ दीप हृदय में,मीठा गीत सुनाते हैं।।

 

धैर्य अगर तुम साथ रखोगे,जीत तुम्हारी नित होगी।

संघर्षों की हर इक मंज़िल,खुशियों की दुनिया होगी।।

 

चट्टानों से टकरा नदियाँ,अपना मार्ग बनाती हैं।

सूखी धरती पर भी देखो,हरियाली ले आती है।।

 

जो विपदाओं से लड़ता है,वही वीर कहलाता है।

समय बदलते ही जीवन में,नव सवेरा आता है॥

 

सुन कष्टों के बोझ तले तुम,खुद को मत झुकने देना।

आशा और विश्वासों का,लघु दीप सदा जलने देना।।

 

मान मुश्किलें आती जाती,यह सत्य जिसने जाना।

धैर्य, कर्म और साहस से,अपना जीवन महकाना॥

 

आएँगे फिर सुख के लम्हें,मन विश्वास जगाना है।

अंधकार के बाद सदा ही,सूरज को मुस्काना है।।

 

समय के संग बदलेंगे सब,ये जीवन का गहना है।

धैर्य रखो, विश्वास रखो,बस इतना ही कहना है॥

 

डाँ आदेश कुमार पंकज

शाहजहाँपुर उतर प्रदेश

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!