
मैं जानता हु मैं कवि नहीं हु
फिर भी अपने मन की बात
कविता के जरिए कहने की
कोशिश कर रहा हु ।
ना ही शब्द है और
ना ही कविता का ज्ञान
फिर भी अपने मन की बात
कहने की कोशिश कर रहा हु ।
अगर कुछ लिख रहा हु
तो सिर्फ आपकी वजह से
आप ही से सीखा है इतना
की कोशिश करता रहूं।
मैं कवि नहीं हु फिर भी
कोशिश कर रहा हु ।।
– ओजस्व पँवार
झाबुआ, मध्यप्रदेश




