
हरी मटर की मीठी छींमियाँ,कच्चा भी अच्छा लगता।
आलू संग छौंकें मटर घुंघुरी,खाने में स्वादिष्ट लगता।।
हरी मटर की कड़ी सूखी,उबली छीमी अच्छा लगता।
इसके उबले दानेंं चटनी संग,खाने में मनहर लगता।।
कुछ स्थानों के गांवों में इसे,नखुन्ना भी लोग हैं कहते।
पीसें मटर मसाले बरी-आलू भूनें,इसे निमोना कहते।।
किसी और क्षेत्र में भले इसे लोकल लोग कुछ कहते।
उत्तर भारत में तो ज्यादातर,लोग निमोना ही कहते।।
जाड़े के मौसम में भोजन में,सबसे स्वादिष्ट व्यंजन हैं।
लाल नारंगी श्वेत काले,गाजर हलुए अच्छे व्यंजन हैं।।
सर्दी में ये हरी साग सब्जियाँ,स्वास्थ्यवर्धक व्यंजन हैं।
एक से एक खाद्य सामग्री,इसके ये अनेक व्यंजन हैं।।
सरसों का साग व मक्के की,घी लगे रोटी लोग खाएँ।
उबले सरसों के साग,नमक मिर्च लगसुन संग खाएँ।।
बथुए का सगपहिता उर्द के,दाल संग बना कर खाएँ।
पालक के सगपहिता,रोटी चावल सलाद संग खाएँ।।
भुनी आलू बैंगन टमाटर का,जाड़े में बनाते हैं चोखा।
सत्तू आटे बेसन से बने गोले भूनें,खाएँ बाटी चोखा।।
अरहर दाल चावल भी,घी में डुबो खाएं लिट्टी चोखा।
लोग करें पार्टियां पिकनिक,जाड़े का मौसम चोखा।।
तिल से बने हुए लड्डू और,ज्वार के आटे का लड्डू।
अलसी के बने लड्डू,बाजरे के आटे से बना लड्डू।।
ज्वार आटे का लड्डू,चावल के आटे से बना लड्डू।
लाई और गुड से बनी गुल्लैया,मेवे मिश्री के लड्डू।।
इस हेल्दी मौसम में खाते हैं,तरह-तरह के बनें पराठे।
कभी बथुआ के पराठे अचार,कभी आलू के पराठे।।
मूली के पराठे अचार कभी,तो कभी गोभी के पराठे।
टमाटर की चटनी साथ,सोए मेथी पालक के पराठे।।
शकरकंद सुथनी मूंगफली,चुरमुरा भी जाड़े में खाते।
दूध में चिवड़ा चीनी डाल कर,इसी मौसम में खाते।।
पोहा भी खूब बनाते लोग,बड़े चाव से लोग हैं खाते।
तरह-तरह की मनपसंद चीजें,शरद ऋतु में हैं खाते।।
*ज्ञान विभूषण डॉ. विनय कुमार श्रीवास्तव*
वरिष्ठ प्रवक्ता-पीबी कालेज,प्रतापगढ़ सिटी,उ.प्र.
(शिक्षक कवि लेखक साहित्यकार समीक्षक एवं समाजसेवी)




