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फूल गुलशन में खिलाए शारदे।
ज्ञान की गंगा बहाए शारदे।।
तैरती है नाव प्रभु पतवार हैं।
बात बस दिल की सुनाए शारदे।।
जान जब तक है कलम चलती रहे।
मौन की झंकार गाए शारदे।।
शुभ कमंडल हाथ वीणा हैं लिए।
ज्ञान का दीपक जलाए शारदे।।
प्रेम सच के मार्ग पर ममता चले।
हर जगह खुशियां लुटाए शारदे।।
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ममता झा मेधा
डालटेनगंज




