साहित्य

व्यक्तित्वकृतित्व से ही सम्मान काआकलन होता है

एस के कपूर"श्री हंस"

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व्यक्तित्व कृतित्व से ही सम्मान का आकलन होता है।
मिलता यश कीर्ति मान जैसा आपका आचरण होता है।।
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व्यवहार स्वभाव वाणी सब आपके चरित्र के शाख पत्ते हैं।
धैर्य विवेक मिला कर सात गुण चरित्र के मुख्य सत्ते हैं।।
गुणों के समक्ष नहीं देखा जाता कैसा आवरण होता है।
व्यक्तित्वकृतित्व से ही सम्मान काआकलन होता है।।
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पहले किसी के गुण फिर आप अवगुण देखा कीजिए।
जिससे भी मिले कोई शिक्षा वो आप जरूर पा लिजिए।।
जब दूसरों को देते महत्व तो महत्ता काअनावरण होता है।
व्यक्तित्वकृतित्व से ही सम्मान का आकलन होता है।।
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जो कोई भी व्यक्ति संघर्षों से बिल्कुलअपरिचित होता है।
इतिहास गवाह है कि नहीं कभी भी वह चर्चित होता है।।
हर कोई झुकता वहां जहां पर भी उनका उच्चारण होता है।
व्यक्तित्वकृतित्व से ही सम्मान काआकलन होता है।।
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।।एस के कपूर”श्री हंस”
बरेली।

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