साहित्य

कृष्णामृत

डाॅ.स्वाति पाण्डेय प्रीत

यसोदा के नंद लला , लगते है अभिराम ।
प्रभु दर्शन करने सभी ,जाते उनके धाम ।

मोर मुकुट कर बांसुरी , गल वजन्ती माल ।
छवि अद्भुत मनमोहिनी, मोहक नयन विशाल ।।

श्याम तन शीतल चितवन , अधरो पर मुस्कान ।
राधा संग केली करे ,नटखट कृष्ण महान ।

डाॅ.स्वाति पाण्डेय प्रीत

लखीमपुर-खीरी

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