
यसोदा के नंद लला , लगते है अभिराम ।
प्रभु दर्शन करने सभी ,जाते उनके धाम ।
मोर मुकुट कर बांसुरी , गल वजन्ती माल ।
छवि अद्भुत मनमोहिनी, मोहक नयन विशाल ।।
श्याम तन शीतल चितवन , अधरो पर मुस्कान ।
राधा संग केली करे ,नटखट कृष्ण महान ।
डाॅ.स्वाति पाण्डेय प्रीत
लखीमपुर-खीरी




