आलेख
-
दिसंबर की अंतिम सप्ताह और मेरे पत्रकार साथियों के लिए चिंता व मार्गदर्शन
दिसंबर का अंतिम सप्ताह आत्ममंथन का समय होता है। यह वह क्षण है जब एक पत्रकार पीछे मुड़कर अपने कार्य,…
Read More » -
गरीबी और गरीब सा जीवन
गरीबी और गरीब सा जीवन: डॉ. सत्य प्रकाश गरीबी का अर्थ क्या है? दैनिक जीवन की सामान्य जरुरत हेतु निरंतर…
Read More » -
अटल जयंती पर खास:जन जन के प्रिय एक शाश्वत ‘अटल’नायक
यदि आज भी अटल बिहारी वाजपेयी राजनीति में अजातशत्रु और जनमानस के सर्वाधिक लोकप्रिय नाम हैं तो उसके पीछे उनका…
Read More » -
इलाहाबाद के मुक्तिबोध हैं कवि अजामिल
साहित्य के क्षेत्र मे एक ऐसा नाम एक ऐसी पहचान जिसने साहित्य में नाम कमाया वो हैं अजामिल साहब। इलाहाबाद…
Read More » -
व्यक्तित्व,कृतित्व और राष्ट्रबोध के पर्याय अटल एवं मालवीय
भारतीय सार्वजनिक जीवन में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जो सत्ता से नहीं, बल्कि संस्कार से पहचाने जाते हैं। भारतरत्न…
Read More » -
स्वामी श्रद्धानंद जी : राष्ट्र, धर्म और शिक्षा के लिए अमर बलिदान
डाॅ.शिवेश्वर दत्त पाण्डेय स्वामी श्रद्धानंद जी भारतीय नवजागरण के उन तेजस्वी संन्यासियों में थे, जिनका जीवन केवल उपदेशों तक सीमित…
Read More » -
क्या लिखूं, किस पर लिखूं सोचता ही रह गया, दिसंबर में बीत गई जाड़े की एक रात……….!
सोचता रहता हूं सदैव पेशोपस भी बनी रहती है, मन में चलते हैं विचारों के झंझावात, विचारों की लहरें बह…
Read More » -
जातीय भस्मासुर
धर्म और राजनीति दोनों का ही मनुष्यों के जीवन तथा सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों के अवधारण में महनीय महत्त्व…
Read More » -
रैगिंग
सुबह के मौसम में मीठी-मीठी खुशनुमा सी ठंडक थी। आसमान में हल्के बादल बारिश की संभावना दर्शा रहे थे। बंगलौर…
Read More » -
अंतर्राष्ट्रीय पर्वत दिवस ..…
पहाड़,शैल,गिरी,नग,भूधर, तुंग या फिर मेरु ..किसी भी नाम से पुकारें इन्हें.. पर्वत हमारी सांस्कृतिक और भौगोलिक विशेषताओं के वाहक है…
Read More »