साहित्य
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जय स्कन्दमाता
फूलों से भवन सजाया ,तुमको मनाएं मां आ जाओ स्कंदमाता,तेरी आरती गाएं मां आ…… तू ममता रखती मन में,तू सबसे…
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मोहब्बत
अनछुआ एहसास है मोहब्बत हमारे लिए बहुत ख़ास है मोहब्बत!! मोहब्बत अगर ना हो तो दुनिया कड़वी लगती है!! एक…
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मां
जब बच्चा लगाएं पुकार, तू दौड़ी चली आती हैं। बिना किसी सवाल के, तू बस आ जाती हैं। मां ,…
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नुक्सान ही नुक्सान
जंग का आगाज़ करना है,बहुत आसान! खत्म करने में मगर होते हैं पशेमान! जिस तरह वो लड़ रहा जग देख…
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राजस्थान दिवस पर सृजित गीतिका – झाँकी राजस्थान की
देख चकित होते सैलानी झाँकी राजस्थान की । पावन धरती जानी जाती वीरों के अभिमान की। राणा और शिवा के…
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मां कात्यायनी
माँ कात्यायनी का दिन आया, मन में नव उत्साह समाया। दिव्य रूप माँ कात्यायनी का, जग में ज्योति पुंज बन…
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शहीदी दिवस
खुशनसीब हूं मैं ,जो मैंने ये दिन पाया है भगतसिंह, राजगुरु, सुखदेव का शहीदी दिवस आज आया है कुर्बान…
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आशायें और सपने
आशाओं, सपनों का हर दिन जीवन में एक नया दिन होता है, इनकी पूरी कोशिश करते रहिये, सपनों को मन…
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मौन मुखर हो जाये
मौन मुखर हो जाये, तब कविता बनती है, झुके नयन सब कह जायें, कविता बनती है। शान्त सरोवर की लहरें,…
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चल बोल
उसका ही बिखरा हुआ सब वजूद है,चल बोल! हमारा होना उसके होने का सबूत है ,चल बोल। इस कायनात में…
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