साहित्य
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क्या विधवा होना गुनाह है?
पति के जीवन से चले जाने से, क्यों सारी खुशियां छिन जाती है? सफेद लिबास में लिपटा दिया जाता है,…
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शीर्षक पहाड़ी जीवन
पहाड़ी जीवन बड़ा कठिन, जब आती, प्राकृतिक आपदा बचने का नहीं मिलें कोई रास्ता, मावन जन्म मृत्यु के बीच जूझता।…
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कबीरदास जी
अक्कड़ फक्कड़ भगत थे , ऐ कबीर महराज । पढ़े लिखे तो थे नहीं , सुधियों के सरताज ।।१ साखी…
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बुजुर्गों की उपेक्षा नहीं, उनकी गरिमा व सम्मान हमारा संकल्प
“बुजुर्गों की उपेक्षा नहीं, उनकी गरिमा व सम्मान हमारा संकल्प” यह कोई नारा नहीं होना चाहिए। किन्तु हम सभी को…
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संस्कृति संस्कारों का संवाहक पिता
संस्कृति की पावन सरिता का, निर्मल-सा प्रवाहक पिता, जीवन के शुभ संस्कारों का, सच्चा संवाहक पिता। अंगुली थाम चलना…
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रूपमाला छंद
शून्य से जीवन शुरू होता यहाॅं है मीत। जीवनी सौगात लेकर आ लिखें हम गीत।। मंजिलें मिलती उन्हें जो साध…
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देखो मैं तुम्हे, छोड़ जा रही है
छोड़ने से पहले ही कितने समय तक प्रतिदिन इसी बात को लेकर तुम कितनी परेशान थी प्रतिदिन दिन देखो मैं…
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मूक कशमकश
मशगूल हैं ऐसे कि भुला भी नहीं सकते, तक़दीर है ऐसी कि उन्हें पा भी नहीं सकते। इक अक़्स ठहर…
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गीतिका
पीड़ा जो है मानसिक,लाता है अवसाद। फिर घेरे बीमारियां,व्यर्थ सभी फरियाद।। व्यस्त सदा खुद को रखो,काज सदा रख पास..…
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श्रीराम -जानकी पुष्प वाटिका में मिलन
तवन में अनुराग समाया, जागे स्वप्न हजार । राम-सिया के दृग टकराए, महक उठा मन प्यार ।। अपलक राम…
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