साहित्य
-
प्रेम का कोमल स्पर्श
प्रेम प्यार का स्पर्श कोमल , एक झटका सह नहीं पाए । लग जाए प्रेम में जो झटका , प्रेम…
Read More » -
दिन फागुन के
आये सखी दिन फागुन के फाग गवें हैं द्वारे- द्वारे ढोल बजे और बजे नगाड़े आये सखी दिन फागुन के।…
Read More » -
पुराने दिन
आज बहुत महत्वपूर्ण है पर कल में आकर्षण होता है मोहित करता है सदैव कल आने वाला हो या बीता…
Read More » -
नारी जीवन
नारी जीवन की व्यथा कथा सुन, क्या कर पाओगे इसमें, देख घिनौना दृश्य सड़क पर कुछ भी कर पाओगे इसमें?…
Read More » -
आओ खेलें होली
रंग खेलें ले अबीर गुलाल,गुझिया की अनुपम होली। आएँ खेलें हम सब मिल के,प्रेम से अपनी ये होली।। डालें रंग…
Read More » -
जो बीत गया वह भी क्या ज़माना था
** जो बीत गया वह भी क्या ज़माना था। नहीं कोई एक दूजे से अनजाना था।। ** नमस्कार दुआ सलाम…
Read More » -
मोहब्बत-भरी तकरार की
मेरी खबर तुम भी रखते हो मुझसे मोहब्बत करते हो दूसरी पर नजर रखते हो फिर कहते हो बस तुमसे…
Read More » -
आभार संदेश
आदरणीय डॉ. शिवेश्वर दत्त पाण्डेय जी, समूह संपादक, दि ग्राम टुडे सादर प्रणाम। फायकू होली विशेषांक में मेरी रचना को…
Read More » -
बासंती मन
मुरझायी दिगंबर शाखों पर खेतों और खलिहानों में नव पल्लव, नव पुष्पों को पल्लवित कर महका जाना हे बसंत !…
Read More » -
इतिहास
जीवन के इस काल खंड में मैंने…, आज के दिन इस देश में.., इतिहास को बनते देखा, एक बार नहीं-दो…
Read More »