साहित्य

  • मशालें वफ़ा की

    ​​हर कली खिल उठे, मुल्क आबाद हो, आने वाली सहर, ग़म से आज़ाद हो। हम तो सो जाएंगे, ओढ़ कर…

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  • प्रेम गली अति सांकरी

    प्रेम गली अति सांकरी मत ना जाईयो कोई , ढ़ाई आखर प्रेम पढ़ें बिन बने ना पंडित कोई। काहे करता…

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  • जन गण मन के हम राही

    26 जनवरी  को 77 गणतन्त्र दिवस मनाया जा रहा है जन मन गण के हम राही है,भारत के हम गौरव…

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  • देश प्रेम

    हिंद देश के निवासी जीते हैं हम शान से वीरों ने दी आजादी शहीद हुए बलिदान में। उत्तर में खड़ा…

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  • भाभी का ह्रदय पिघला… कहानी

    गर्मी का मौसम है। तेज धूप है। हवाएं भी तेज चल रही हैं। लू का महीना, एकदम जान जा रही…

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  • व्यंग

    “”रोजी तो सब तुम खा जाते, रोटी मिलती जेल में, पास हुए जो क्या समझेंगे, कितना सुख है फेल में।…

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  • तिरंगा अपनी शान

    तिरंगा अपनी शान है, भारत की पहचान है, इसकी खातिर वीरों ने, दे दी अपनी जान है। केसरिया रंग कहे…

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  • ग़ज़ल

    कदम – कदम पर भारी है बाजार सखे। उसकी मस्ती सब पर तारी है बाजार सखे। देवदूत बनकर आया है…

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  • भारत की नारी

    भारत की नारी हे! नारी भारत की, बदलो तुम अपने स्वभाव को। चुप क्यों हो नारी? तुम्हें बदलना है इस…

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  • इश्क़

    माना कि मेरे दिल पर तुम्हारा हक़ है मगर इस कदर रूठ जाना ना-हक़ है!! मुश्किलें हर इंसान पर आती…

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