साहित्य
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सूर्यास्त
हर सूर्यास्त अवसान नहीं होता .न जीवन का.न मन का .बस एक अंतराल है.समय का .जैसे लहरों का उत्थान पतन.…
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मेरे आँसू
मेरे आँसू बात नहीं हैं.. उसका जीवन साथ नहीं है.. बहता था खुशबू का झरना.. वो अब मेरे पास नहीं…
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गणपति स्तुति
नहीं त्रैलोक्य भर में है,प्रथम जो पूज्य कहलाता। अपरिमित ज्ञान के स्वामी, जगत को नाम है भाता।। अमर तन पद…
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ये हिंदू नव वर्ष आया घर घर भगवा लहराया
ये हिंदू नव वर्ष आया देखो फिर से घर-घर भगवा लहराया, नई उमंगें, नई तरंगें फिर से आई हर दिल…
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काश
सोनू चलो आज तुम्हें मैं अपनी माँ से मिलवाता हूँ। आपकी माँ तो मेरी दादी लगेगी ना पापा? छोटे से…
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शक्ति और शौर्य की पूजा
धरती से आसमान तक गूॅंजा , इसके समान नहीं कोई दूजा । आदिकाल से ही होती रही है , ये…
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नहीं चाहिए युद्ध
अरे युद्ध पिपासुओं! निहित स्वार्थों की दलदल में पतित कुटिल नीतिज्ञों! करो युद्ध विराम। फौरन,अभी, बिल्कुल अभी। बताओ तो, तुम्हें शांति और प्रेम…
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भावों की पगडंडी पर माँ का आगमन
माता रानी के नवरात्र आए हैं, मन के आँगन में एक हल्की सी आहट हुई है, जैसे किसी ने चुपके…
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एक ग़ज़ल:
मेरे ऊपर जो तेरी सरपरस्ती है, जिन्दगी में इसी से छाई मस्ती है! तेरा साया सुकूँ देता, मुहब्बत का, वरना…
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नववर्ष हो मंगल मंगल
नवसंवत में मंगल मंगल हे प्रभु रखना सबका मंगल हर पल सबका मंगल मंगल प्रभु जी रखना सबका मंगल बीत…
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