
ये हिंदू नव वर्ष आया देखो
फिर से घर-घर भगवा लहराया,
नई उमंगें, नई तरंगें फिर से आई
हर दिल में नया विश्वास समाया।
घंटों की गूंज मंदिरों में गूंजी
भक्ति का रंग गहरा छाया,
माता रानी के पावन नवरात्र,
हर घर ने देखो दीपक जलाया।
जय माता दी की गूंज उठी,
श्रद्धा ने संबंध सिर झुकाया,
भोग लगे, आरती सजी है,
हर चेहरा खुशियों से मुस्काया।
फिर आई राम नवमी की बेला,
मर्यादा का संदेश सबको सुनाया,
श्री राम के आदर्शों ने देखो
जीवन जीना हमें सिखाया।
अयोध्या सी रौनक हर मन में,
राम नाम का दीप जलाया,
सत्य, धर्म और प्रेम का पथ,
हर इंसान ने अपनाया।
ये नव वर्ष नई शुरुआत है,
संस्कारों का दीप जलाया,
एकता, शांति और सद्भाव से,
भारत ने सिर ऊंचा उठाया।
कुलदीप सिंह रुहेला
सहारनपुर उत्तर प्रदेश




