साहित्य
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ओछापन
ओछेपन की ओछी नीच पहचान ओछी होती है इनमें नीच ज्ञान नीचता को कब मिला है सम्मान नीचजन…
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अवांछित वांछित
सिरे से अवांछित है हमें विकास वह , जहाँ धूर्त शासन है। भ्रष्टाचार ही जहांँ , समृद्धि का कारण है। जहाँ…
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प्रभु की दी जिंदगी हर कदम फर्ज मांगती है
** प्रभु की दी जिंदगी हर कदम फर्ज मांगती है। जिओ बन कर इंसान यही तर्ज मांगती है।। ** जीवन…
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महिला दिवस पर पुरुषों में घबराहट (हास्य-व्यंग्य)
महिला दिवस के दिन एक बगीचे मे भीड़ इकट्ठा होने लगी। देखते ही देखते महिलाओं की विशाल भीड़ जमा हो…
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कुल्हाड़ी रोक लो भाई!
सुनो लकड़हारे भैया, तनिक रुको तो सही, नीचे रखो अपनी कुल्हाड़ी, आगे बढ़ो नहीं। बच्चों ने संकल्प लिया है, पेड़ों…
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वादा वफ़ा मोहब्बत
चलो अब यहीं पर ठहर जाएंँ ना हम तुम्हें ना आप हमें याद आए!! बड़ी आसानी से कह दिया उसने…
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धूंधली तस्वीरें
मुझे फ़िल्टर वाली चमक नहीं भाती, मुझे तो धुंधली तस्वीरें पसंद हैं। जहाँ दिखावा कम और सच्चाई ज़्यादा हो, मुझे…
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युद्ध की विभीषिका
(१) जब रणभेरी गूँज उठी, छा गया दिशाओं में हुंकार, काँप उठा तब धैर्य धरा का, डोल उठा संसार। वीरों…
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रामनवमी
रामनवमी का दिन आया। श्री राम का जन्मोत्सव का दिन आया। घर-घर में खुशियां मनाई। राम जन्मोत्सव का उत्सव मनाया।…
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रामनवमी
रामनवमी का दिन आया। श्री राम का जन्मोत्सव का दिन आया। घर-घर में खुशियां मनाई। राम जन्मोत्सव का उत्सव मनाया।…
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