साहित्य
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दुआ, बेहतरीन तोहफा
हृदय से निकलता निस्वार्थ पावन भाव, भर देता चुपके से गहरे घाव। भौतिक वस्तुएं तो बस क्षणभंगुर माया, दुआ बनती…
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खोंइछा: ममता का आशीष
जब विदा होती है बेटी, आँखें भर-भर आती हैं, बचपन की वो भोली यादें, रह-रहकर तड़पाती हैं। सूना कर…
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पर्यावरण
अभी शपथ हम लेते मिलकर पर्यावरण बचाने को। हरियाली चहुंँ ओर सजी हो, सुंदर प्रकृति बनाने को। हवा मिले…
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माँ – सरसी छन्द
माँ देवी धर के मंदिर की, पूजा का आधार। माँ की गोदी जन्नत बसती, सपनों का संसार।। माँ के…
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कान्हा की बात निराली
द्वारिकाधीश की नगरी, बड़ी मन मोहक, गिरधारी के मस्तिष्क पर , मोर मुकुट सजे, देखने में जो अत्यधिक सुंदर लगे…
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पुणे में हिंदी साहित्य हेतु
साहित्य जगत में सीता ट्रस्ट द्वारा आयोजित 106 किताबों का सामूहिक विमोचन समारोह ने विश्व रिकॉर्ड बनाया। नई पीठ स्थित…
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जो पत्थर था उसे देव बनाया
न जाने किससे नेह लगाया, जो पत्थर था उसे देव बनाया। आंखों से अश्रु छलक पड़ा है, सारा भरम अब…
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हिन्दू जागृति अभियान
दिव्य ज्योति लेकर आया हूँ, मैं हिन्दू जगाने आया हूँ। श्रीराम का सेवक हूँ मैं, मैं साथ भरोसा लाया हूँ।।…
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विचारों का कैदी समाज
अपने ही बनाए पिंजरों में, कैद हो गया है समाज। नए विचारों को अपनाता नहीं, पुराने विचारों का पहना ताज।…
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लिखूँ मैं मन को पाती
लिखूँ मैं मन को पाती, एक मुक्तक मन को। जो भूल के सब बंधन, महकाए इस जीवन को। सुलझाऊँ…
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