साहित्य
घर में प्रेम,रौनक का रंग,भरती हैं बेटियाँ

1
पढ़ेंगी बेटियाँऔरआगे भी बढ़ेंगी बेटियाँ।
बराबर हक के लिए भी लड़ेंगी बेटियाँ।।
बेटों से कमतर नहीं हैं बेटियाँ भी हमारी।
हर ऊँची सीढ़ी पर भी चढ़ेंगी बेटियाँ।।
2
विश्व पटल पर आज बेटियों का ऊंचा नाम है।
आज कर रही दुनिया में वह हर काम है।।
बेटी को जो देते बेटों जैसा प्यारऔर सम्मान।
अब वही माता पिता कहलाते महान हैं।।
3
हर दुःख सुख साथ में संजोतीं हैं बेटियाँ।
हर घर प्रेम और रौनक के फूल बोती हैं बेटियाँ।।
बड़ी होकर करती सृष्टि की रचना बनके नारी।
प्रभु कृपा बरसती वहीं जहाँ होती हैं बेटियाँ।।
एस के कपूर”श्री हंस”
बरेली।।




