साहित्य

जै जै जय आपन उत्तर प्रदेश

पं.अपूर्व नारायण तिवारी 'बनारसी बाबू'

कभी ब्रह्मर्षि देश,कभी मध्य देश,कभी संयुक्त प्रांत (युनाइटेड प्रोविंस) नाम से जाने वाला राज्य २४ जनवरी सन् १९५० से उत्तर प्रदेश (यूपी) कहला रहा है । वस्तृत: भारत का सबसे पुराना राज्य(देश) रहा है उत्तर प्रदेश । जो कभी कासी राज, कभी कौसल राज,कभी मथुरा राज तो कभी अवध राज रुप में जाना जाता था । आज इसे उत्तर प्रदेश राज्य कहा जाता है । भारत की सर्वाधिक जनसंख्या वाले इस राज्य में भारत के सबसे ज्यादा ८० सांसद निर्वाचित होते हैं । विश्व का सबसे प्राचीन नगर काशी भी इसी उत्तर प्रदेश में ही आता है । विश्व की सबसे प्राचीन भाषा कासिका इसी कासी से ही जन्मी थी,तो दुसरी सबसे पुरानी भाषा कौसली जन्मी थी अयोध्या से । ये दोनों लोक भाषाएं आज बृहत्तर भोजपुरी में आती हैं ।अतः उत्तर प्रदेश के इस स्थापना दिवस पर एक खास रचना ठेठ कासिका भाषा में प्रस्तुत है ।
यद्यपि भाषा लिपि देवनागरी है ।
यहां आज भी लखनऊ को नखलऊ,काशी को कासी, अयोध्या को अजोध्या कहते हैं ।।
🥀🥀🥀🥀🥀🥀

(टेक)🌹
जै जै जय आपन उत्तर प्रदेश,
कासी-अयोध्या-मथुरा के देस ।
गंगा-जमुना के बहे अविरल धारा,
उत्तर प्रदेश भारत में सबसे न्यारा ।
सोनहली भोर जइसन ईहां उजियारा,
रसगर हउवे बानी,मीठ पानी इनारा ।
कचौड़ी-जलेबी कलेवा गंगा किनारा,
ठंडई-मलइयो-पान खावे जग सारा ।

(अंतरा 1)🌹
बाबा बिसनाथ के नगरिया कासी,
हर जुग में जे रहले हौ अविनासी ।
ग्यान-भगति के इ नगरी सुखरासी,
सारनाथ में बुद्ध के गड़ल लहासी ।
शाकंभरी माई असीस से जी हरसे,
विंध्यवासिनी माई के किरपा बरसे ।
नखलऊ के आन रेवड़ी-भुलभुलैया,
प्रयागराज संगम में पुण्य ता ता थैया ।

(अंतरा 2)🌹
अजोध्या में हौ प्रभु श्री राम धाम,
मथुरा में कान्हा के करS प्रणाम ।
वृंदावन-गोवर्धन-बरसाना के हौ नाम,
राधा-कान्हा के बरज भूमि हौ धाम ।
गोरखपुर में बाबा गोरखनाथ बिराजें,
ताजमहल आगरा में लकदक साजे ।
कुशीनगर में बुद्ध करलन महाप्रयाण,
मगहर में कबीर दास छोड़लन प्राण ।
बुंदेलखंड के आल्हा-ऊदल के गाथा,
पूरब से पच्छिम तक हौ गर्वित माथा ।

(अंतरा 3)🌹
खेती-किसानी के ई हौ उर्वरा माटी,
किसान पसीने से सींचें सगरों साटी ।
देवरिया,आजमगढ़,जौनपुर पुरातन,
बिठूर,गोला,गोंडा नगरी हौ सनातन ।
शाम-ए-अवध के सैर होला सुनहला,
सुबह-ए-बनारस के दरसन रुपहला ।
मेरठ के गजक,बरेली के सुरमा खास
आगरा के घेवर-पेठा में ठेठ मिठास ।

(अंतरा 4)🌹
अगस्त्य,धन्वंतरि,राम,कान्हा के भूमि वेद-‌व्यास,राधा रानी के जनमभूमि ।
गोरख,कबीर,तुलसी के इ मातृभूमि,
कपिल,बुद्ध,पतंजलि के इ कर्मभूमि ।
सोलह जैन तीर्थंकरन के जनमभूमि,
लाखन रीसियन के रहल मातृ भूमि‌ ।
नैमिषारण्य हौ पतितपावन तपोभूमि,
कासी-मथुरा-अयोध्या हौ नमोभूमि ।

(अंतरा 5)🌹
अलीगढ़ के ताला हौ खास पहचान,
हाथरसी हींगन से भोजन में जान ।
बलिया के बाटी-चोखा देस के जान,
चौसा,लंगड़ा,दसहरी यूपी के आन ।
राम नगरिया भंटा हौ गुणन के खान,
कन्नौज के इत्र के चहुँओर हौ मान ।
भदोही के कालीन से मिले सम्मान,
जगवा बनारसी साड़ी हौ सीना तान ।

(अंतरा 6)🌹
चित्रकूट,बटेश्वर हउअन तीरथ महान,
चंदौली,बस्ती के परसिद्ध चाउर धान ।
कासी के बेटी लक्ष्मीबाई झाँसी के रानी,
हज़रत महल के रहल अमर कहानी ।
बलिया के मंगल पाण्डे अमर सेनानी,
तराई जंगल के ना हौ कवनो सानी ।
सुहाग नगरी कहलाला फ़िरोज़ाबाद,
बाघ-गैंडा-हाथी से दुधवा आजु आबाद ।

(टेक – समापन)🌹

जै जै जय आपन उत्तर प्रदेश,
काशी-अयोध्या-मथुरा के देस‌ ।
कबहुँ इ कहलावत ब्रह्मर्षि देश,
कबहुँ इ कहलावत मध्य देस ।
अवध बनल युनाइटेड प्रोविंस प्रदेश,
आजु कहलावे इ आपन उत्तर प्रदेश ।
जै जै जय आपन उत्तर प्रदेश,
कासी-अयोध्या-मथुरा के देस ।
©पं.अपूर्व नारायण तिवारी ‘बनारसी बाबू’
🔱🔱🔱🔱🔱🔱
जै जय हो यूपी ! राज्य स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं ।
🥀🥀🥀🥀🥀🥀

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!