साहित्य

शहीदों की गाथा सुनाते रहेंगे

डॉ उषा अग्रवाल जलकिरण

शहीदों की गाथा सुनाते रहेंगे।
शत -शत नमन कर शीश झुकाते रहेंगे।।

आजादी के परवानो को सदा।
अपने मन में हम हरदम बसाते रहेंगे।।

भारत भूमि हमें जान से प्यारी।
गीत दिवानो के सदा हम गाते रहेंगे।।

गणतंत्र हमारा बहुत ही प्यारा।
इसका मान हम सदाबढ़ाते रहेंगे।।

भारत की पहचान तिरंगा हमारा।
इसे हम चन्द्र तक सदा फहराते रहेंगे।।

अरि गर ऑंख‌ हमको जो दिखाये
नाम उसका जहाँ से मिटाते रहेंगे।।

वीरों का नामअमर सदा इतिहास में।
स्वर्णिम अक्षरों से उसे लिखाते रहेंगे।।

देश के नाम यदिमरना पड़े उषा।
तो जान हम देश पर लुटाते रहेंगे।।

बालिका दिवस पर दोहा

शिक्षा पाकर बेटियाँ, करती है अब काम।
हर कोई खुश हो रहा, जगमें होता नाम।।

शिक्षा बिन मिलता नहीं, जग में कोई काम।
उन्नति कभी हुई नहीं, हुआ न जग में नाम।।

शिक्षा से ही खुल रहा, उन्नति के सब द्वार।
खूब पढ़ाओ बेटियाँ, खुश रहे परिवार।।

उच्च पदों पर बैठकर, देशभक्ति हित ध्यान
देश विकास सदा करे, जग में हो सम्मान।।

विधि विधान कोसीखकर, पालन करो विधान।
भ्रष्टाचार करो नहीं, मानवता पहचान।।

नेता जनता ने बना, तभी दिया सम्मान
जनता हित सबकाम हों,रखना इसका ध्यान।।

बेटी का नित मान कर, दें उसको सम्मान।
देवी स्वरूप पूजते,हो सदगुण पहचान।।

डॉ उषा अग्रवाल जलकिरण
छतरपुर मध्यप्रदेश

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